अवशेष लिए अन्तःमन में बचा हूँ कुछ मैं शेष, बीते से कुछ पल और मैं! धुंधली सी तेरी झलक और यादों के अवशेष! बचा हुआ हूँ शेष, जितना नम आँखों में विदाई के गीत ! बची हुई है जिजीविषा, जितन...
*उस पार का जीवन* मृत्यु के उस पार क्या है एक और जीवन आधार या घटाटोप अंधकार, तीव्र आत्मप्रकाश या क्षुब्ध अमित प्यास। शरीर से निकलती चेतना या मौत-सी मर्मांतक वेदना एक पल ...